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Friday, 17 February 2017

तेरी नज़र की कलम


तेरी नज़र की कलम अब वो नज़्म नहीं लिखती

जिसके हर मोड़-मिसरे पे कभी मेरा ठिकाना था


सच है , कागज़ की कश्ती की उम्र बहुत नहीं होती

पर दिल के सुकून का ये मश्ग़ला पुश्तों पुराना था


सफ़ेद चादर की दीवारों में मैंने खुद को खोया था

मेरी कलम में उतर आएगा ये जो भी फ़साना था


इस जहाँ से उस जहाँ को जोड़ती हैं बस साँसें

जो साँसों तक सिमटे , क्या इश्क़ फरमाना था  ?


अभी तू खुश हो जा कातिल , चेहरे को रौनक दे !

तेरे इस बेकदर कहर का भी अंजाम आना था


बहुत मिल जाएंगे मुझे तुझसे , तुझे मुझसे लेकिन

मुझे तुझसा , यूँ मिल के भूलने का , हुनर कमाना था


नहीं कोई कहानी है , तेरे मेरे हिस्से आई

पर लगता है की जैसे कोई एक पूरा ज़माना था  


मुझे यादों से यूँ तो कोई ज़्यादती नहीं तकलीफ

पर जैसे जान पे बनी थी, इनका आ कर न जाना था  ||


-अनुष्का 

Saturday, 11 October 2014

Sleepless Saturday #2

Tumhe kisso me bandh kar
Mehfooz rakh chodenge
panno aur kitabo ki god me ...
Tumhari hi tarah wo bhi fhir
gungi ban jaaengi..

Samjh nahi aata...
Kitabo ne tumse ye chuppi ka sabak seekha
ya tumne kitabo se !

Tuesday, 9 September 2014

आज फिर....

आज फिर...
वो ही ग़ज़ल सुन डाली
जो कभी तुम्हारे साथ के साथ सुनी थी 
वक़्त की करवट से पड़ी सिलवटों को न देखो तो 
इसका ख़ुलूस अब भी वही है। 


आज फिर 
मैं यूँ सज-संवर कर बैठी थी ,   जैसे तुम आओगे 
और न आए तो शायद कहीं से देख लोगे मुझे 
बड़ा ही मुनाफ़िक़ सा ख़याल है ये , पर 
दिल बहलाने को ख़ुशनुमा एहसास ज़रूरी है। 


आज फिर 
इस शहर के चक्कर लगाते 
उस मोड़ पर बसने वाली याद से जैसे टकरा गई 
कमान से छूटे तीर को क्या पकड़ पाओगे !
देखो ना ! तभी मैं नज़र बचा कर चली आई हूँ।  


आज फिर 
तुम्हारी तरबियत का असर है शायद 
या मेरी काबिलियत हावी मुझी पे 
महसूल की उगाही करते यहाँ हर एक कंधे के बदले लोग !
यूँ ही नहीं  इस ज़हानत-ऐ-जहां से अगवा हो जाने की ख़्वाहिश ।

आज फिर.......

Wednesday, 23 July 2014

The Marriage thing and the difficult me :P ... A tribute from My bestie to me.. :P




This the reality check in fact.... This is the post my bestie wrote on facebook for me and see such a back-breaking task it is for me... ! Even she knows it well.. Life seems impossible.. Though its a satire only... but creates a concern as well.. 
Would come back with more soon.. till then bye .... :)